
बजरंग दल के प्रांतीय शौर्य प्रशिक्षण शिविर का गांधी विद्यालय में हुआ भव्य समापन; युवाओं ने किया अस्त्र-शस्त्र और अखाड़ा कला का प्रदर्शन
गुलाबपुरा (मनोज शर्मा) विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के प्रांतीय शौर्य प्रशिक्षण शिविर का आज गांधी विद्यालय में भव्य समापन हुआ। समापन समारोह में देशभर से आए संतों और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने प्रशिक्षणार्थियों का मार्गदर्शन किया।
शिविर के मुख्य वक्ता और विहिप के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ. सुरेंद्र जैन ने ‘लव जिहाद’, ‘गोहत्या’ और ‘धर्मांतरण’ जैसे गंभीर मुद्दों पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि बजरंग दल इन सभी षड्यंत्रों के खिलाफ पूरी मजबूती से खड़ा रहेगा और विधर्मियों को उनके मंसूबों में कभी सफल नहीं होने देगा।
‘लंबा संघर्ष लाया रंग, अब हर मोहल्ले में खुलेगा अखाड़ा’
डॉ. सुरेंद्र जैन ने अपने संबोधन में कहा कि आज देश का युवा जागृत हो चुका है और हर ओर भगवा रंग छाने लगा है। उन्होंने राम मंदिर निर्माण का जिक्र करते हुए कहा,
“एक लंबे और कड़े संघर्ष के बाद अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण हुआ है, जो हमारे सामूहिक संघर्ष का ही परिणाम है। अब समय आ गया है कि गोहत्या पर बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। हम संकल्प लेते हैं कि ‘अब गाय नहीं कटने देंगे, और देश को नहीं बंटने देंगे’।”
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि भविष्य में संस्कृति और आत्मरक्षा के लिए हर मोहल्ले में अखाड़े शुरू किए जाएं और दुर्गा वाहिनी को और अधिक मजबूत बनाया जाए। इस दौरान युवाओं ने नशे के खिलाफ भी एकजुट रहने का संकल्प लिया।
शौर्य प्रदर्शन देख मंत्रमुग्ध हुए लोग
शिविर के समापन के अवसर पर प्रशिक्षण ले चुके बजरंगियों ने अपने शौर्य का हैरतअंगेज प्रदर्शन किया। युवाओं ने अखाड़ा कला, लाठी संचालन, और लक्ष्य भेदन (निशानेबाजी) जैसे साहसिक करतब दिखाए, जिसे देखकर वहां मौजूद सभी लोग मंत्रमुग्ध हो गए।
संतों और प्रबुद्धजनों की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर मंच पर महंत बनवारी शरण, महंत लवकुश दास, प्रांतीय अध्यक्ष प्रतापसिंह नागदा, वर्ग पालक युधिष्ठिर सिंह, पुरुषोत्तम नवाल, संस्कार भारती के जिलाध्यक्ष दिनेश राठी और प्रांत सहसंयोजक अखिलेश सहित कई गणमान्य नागरिक और पदाधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में रामेश्वर धाकड़ ने सभी अतिथियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
इन कार्यकर्ताओं का रहा सराहनीय योगदान


सात दिवसीय इस प्रशिक्षण शिविर की व्यवस्थाओं को सफल बनाने में रामेश्वर, आशीष दाधिच, अखिलेश, राहुल, राजेश जीनगर, मुकेश तंवर, रवि गोस्वामी, मुकेश नाहटा, दिनेश राजपुरोहित, अंगद शर्मा, श्याम, शिवनाथ सिंह, अमित आत्रेय, रोहित चौधरी, गोविंद, गोपाल, पिंटू वैष्णव, धनराज वैष्णव, लक्की चोपड़ा, अर्जुन सोनी, किशन, इंद्र, यश शर्मा और ओम लक्षकार सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं का सक्रिय और सराहनीय योगदान रहा।

